बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को मिली प्रचंड जीत से साफ हो गया है कि जनता विकास को प्राथमिकता देती है। जातिवाद और क्षेत्रवाद के नारे विकास के सामने धूमिल पड़ जाते हैं। जनता ने एनडीए पर भरोसा जताकर सत्ता में भारी बहुमत से उसकी वापसी करा दी। दूसरी तरफ महागठबंधन को करारी हार का स्वाद चखना पड़ा।
दरअसल, एनडीए को महिलाओं, युवाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का भरपूर समर्थन मिला है। बिहार चुनाव परिणामों पर बीजेपी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लोहा लोहे को काटता है। बिहार में कुछ दलों ने तुष्टिकरण वाला एम-वाई फ़ॉर्मूला बनाया था। आज की जीत ने नया सकारात्मक एम-वाई फार्मूला दिया है- महिला और यूथ।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार देश के उन राज्यों में है जहां सबसे ज़्यादा युवाओं की संख्या है और इसमें हर धर्म हर जाति के युवा हैं। उनकी इच्छा है उनकी आकांक्षा और उनके सपनों ने जंगलराज वालों के पुराने सांप्रदायिक एम-वाई फ़ॉर्मूले को ध्वस्त कर दिया है। मैं बिहार के युवाओं, बहनों बेटियों, किसानों, श्रमिकों, दुकानदारों, मछली पालकों को बधाई देता हूँ। प्रधानमंत्री ने कहा,“बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया है।”

