उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की संभावना के चलते राजनेताओं में इस पद को हासिल करने की दौड़ शुरू हो गई है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान वर्तमान अध्यक्ष करण माहरा को बदलकर किसी करिश्माई चेहरे को अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाना चाहता है। बदलाव की संभावना 2027 के राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रबल दिखाई दे रही है।
बताया जाता है कि अध्यक्ष को बदलने के संबंध में हाल में एक उच्च स्तरीय बैठक नई दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में कुमारी शैलजा और कई कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में हुई, जिसमें वर्तमान कांग्रेस प्रमुख करण माहरा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी आदि शामिल थे।
यहां यह बताना जरूरी है कि चूंकि नेता प्रतिपक्ष और उपनेता यशपाल आर्य और भुवन कापड़ी कुमाऊं मंडल से हैं, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा भी शामिल हैं और पूर्व कांग्रेस सीएम हरीश रावत भी कुमाऊं से हैं, इसलिए उत्तराखंड कांग्रेस में गढ़वाल मंडल का प्रतिनिधित्व पूरी तरह से नगण्य है। ऐसे में गढ़वाल से अध्यक्ष बनाए जाने की प्रबल संभावनाएं हैं। गढ़वाल से जिन दो नामों पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, वे हैं गणेश गोदियाल और प्रीतम सिंह। हालाँकि ये दोनों पहले भी इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन गढ़वाल से होने के नाते उनकी प्रबल संभावनाएं हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, डॉ. हरक सिंह रावत भी रेस में हैं, लेकिन दिकक्कत यह है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और ईडी, सीबीआई में दर्ज मामलों के चलते, अगर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाता है, तो भाजपा को उनका विरोध करने का एक मजबूत मौका मिल जाएगा।गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी 2017 और 2022 में बुरी तरह हारी थी और यहाँ तक कि सभी संसदीय सीटें भाजपा के खाते में चली गईं, जिससे करण माहरा के नेतृत्व को स्पष्ट रूप से चुनौती मिली। इसके अलावा, गुटबाजी से ग्रस्त कांग्रेस पार्टी करण माहरा के नेतृत्व में इस संकट से उबर नहीं पाई और राज्य कांग्रेस के विभिन्न वर्ग अभी भी अलग-अलग तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे राज्य में कांग्रेस की एकता की प्रक्रिया को झटका लग रहा है।
