टिहरी। इस बार टिहरी और उत्तरकाशी जिले में बूढ़ी दीपावली 18 नवंबर को मनाई जाएगी। प्रवासी दीपावली मनाने के लिए अपने घरों को लौटने लग गए हैं। टिहरी के जौनपुर और बूढ़ाकेदार तथा उत्तरकाशी, के रवांई और जौनसार क्षेत्रों में बूढ़ी दीपावली मानने के पीछे वीरभड़ माधो सिंह भंडारी के तिब्बत पर जीत हासिल करना है। गढ़वाल के राजा के आदेश के बाद से बूढ़ी दीपावली मनाए जाने की परंपरा शुरू हुई थी।
बूढ़ी दीपावली मनाने के पीछे दूसरा कारण यह भी है कि मुख्य दीपावली पर गढ़वाल क्षेत्र में फसलों की कटाई का समय रहता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने खेतीबाड़ी और कृषि कार्यों में व्यस्त रहते हैं जिससे मुख्य दीपावली को पूरे उत्साह के साथ नहीं मना पाते हैं। बूढ़ी दीपावली पर जौनपुर क्षेत्र के ग्रामीण रात को सामूहिक रूप से भैलो खेलते हैं, स्वाले-पकोड़े सहित आदि व्यंजन बनाते हैं। गांव की महिला और पुरुष घास से तैयार की गई रस्सी पर बड़े खेत में रस्साकसी करते हैं।
