देहरादून। बिहार में महागठबंधन में फूट की खबरें सुर्खियों में हैं। सीट बंटवारे को लेकर चली लंबी खींचतान के बावजूद महागठबंधन अपने घटक दलों को एकजुट नहीं रख पाया। ऐसे में प्रशांत किशोर कह रहे हैं कि मुख्य मुकाबला एनडीए और उनकी पार्टी के बीच है। उन्हें महागठबंधन की फूट में अपनी संभावनाएं मजबूत लगती हैं, लेकिन उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आश्वस्त हैं कि बिहार में महागठबंधन बहुत मजबूत है। कुछ जगहों पर उम्मीदवारों को लेकर जो असमंजस है, उसे दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनावी रणनीति के तहत कुछ जगहों पर गठबंधन के एक से ज्यादा उम्मीदवार हो सकते हैं, लेकिन वोट गठबंधन के गढ़ में ही जाएगा।
हरीश रावत कहते हैं कि बिहार में हालात उतने खराब नहीं हैं, जितना एनडीए बता रहा है। अब देखना है कि बिहार में महागठबंधन के लिए जो अच्छी उम्मीदें रावत देख रहे हैं, वे किस हद तक सफल हो पाती हैं। बहरहाल उम्मीदें तो प्रशांत किशोर भी देख रहे हैं
