देहरादून। दून इंटरनेशनल स्कूल में इन दिनों साहित्य महोत्सव चल रहा है। बाल दिवस पर महोत्सव की शुरुआत होना इसके उद्देश्य को और सार्थक बनाता है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां भाग ले रही हैं और बच्चों को पुस्तकों के प्रति लगाव की प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। फेस्टिवल में साहित्य, संवेदनशीलता, लोक संस्कृति और रचनात्मकता के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं।
देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने इस अवसर पर सलाह दी कि 12वीं के बाद करियर का निर्णय लेना बहुत जल्दी है। इस समय अपने विकल्प खुला रखें और जितना हो सके पढ़ाई और अनुभव से सीखें। उन्होंने कहा कि जीवन में विकल्प बदलना सामान्य है। आप पहले वकील बन सकते हैं और बाद में लेखक, डिजाइनर या समाजसेवी बन सकते हैं। यह पूरी तरह आपकी जिज्ञासा, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास पर निर्भर करता है।
प्रसिद्ध लेखक रस्किन बांड ने वीडियो संदेश के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि लेखक बनने की पहली शर्त एक अच्छा पाठक होना है।उन्होंने कहा कि जो लोग सच में किताबों से प्रेम करते हैं, वही अंततः लेखक बनते हैं। मैं खुद को हमेशा पहले पाठक और बाद में लेखक मानता हूं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किताबों को अपना मित्र बनाएं, पढ़ने-लिखने की आदत को विकसित करें और शब्दों में आनंद खोजें।
