
देश के कई राज्यों में ऐसे राजनीतिक दल भी हैं जो निर्वाचन आयोग में पंजीकृत तो हैं पर चुनाव में भागीदारी नहीं निभाते हैं। कुछ दिन पहले बिहार राज्य से खबर आई थी कि वहाँ कई पार्टियों की मान्यता खतरे में है। यही स्थिति अब उत्तराखंड में भी दिखाई दे रही है। निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड राज्य के 11 पंजीकृत राजनीतिक दलों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन दलों ने वर्ष 2019 से लेकर बीते छह वर्षों में लोकसभा एवं विधानसभा के एक भी चुनाव में भाग नहीं लिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी निर्वाचन आयोग ने पिछले माह छह पंजीकृत दलों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस प्रकार प्रदेश में अब तक 17 दलों के विरुद्ध कठोर कदम उठाया गया है । प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में इस वर्ष की शुरुआत में 42 दल अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के रूप में सूचीबद्ध थे। इनमें से कई दल बीते छह वर्षों से न तो विधानसभा और न ही लोकसभा के चुनाव में भाग ले रहे थे। ऐसे में आयोग को इन दलों के विरुद्ध कार्रवाई करनी पड़ी।
